कोरोनावायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था थम-सी गई थी। अनलॉक शुरू होते ही धीरे-धीरे गतिविधियों में तेजी आई। इन तीन महीनों में भारत की इकोनॉमी ने किस तरह गति पकड़ी है, यह समझने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिसर्च टीम ने स्टडी की और रिपोर्ट बनाई है।
एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट कहती है अप्रैल से अगस्त के पांच महीनों में देश के 24 राज्यों की जीडीपी को 41 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पिछले साल की तुलना में जीएसटी कलेक्शन घट गया है। बचत खाते में तो जमा बढ़ा, लेकिन चालू खाते में डिपॉजिट पिछले साल के स्तर तक पहुंच नहीं सका है।

मैन्युफैक्चरिंग को गति मिलते ही बिजली खपत बढ़ी
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डिमांड बढ़ते ही मैन्युफैक्चरिंग ने भी रफ्तार पकड़ ली है। इसका पता इस बात से चलता है कि बिजली की खपत बढ़ रही है। मई में फैक्ट्रियां बंद थीं, इस वजह से बिजली उत्पादन 21% कम रहा था।
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जून के बाद से हर महीने बिजली की मांग बढ़ रही है। इसका मतलब है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पटरी पर लौट रहा है। लेकिन, कोरोना के बढ़ते केस की दूसरी लहर भी परेशान कर रही है। उत्तरप्रदेश में बिजली खपत जून से जुलाई में बढ़ी, लेकिन अगस्त में घट गई।
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इसी तरह महाराष्ट्र में जून के मुकाबले जुलाई और अगस्त में बिजली खपत कम रही। गुजरात, तमिलनाडु और पंजाब में भी कमोबेश यही स्थिति रही। ओवरऑल मांग बढ़ी है, यह बताता है कि छोटे और मध्यम उद्योगों में हलचल हुई है।

मालभाड़े में बढ़त, लेकिन पिछले साल से कम
- रेलवे को मालभाड़े से कमाई पिछले साल से कम ही हो रही है। जून-2019 के मुकाबले इस साल जून में मालभाड़े से आय 17% कम रही। हालांकि, जुलाई में यह अंतर घटकर 10% और अगस्त में 1.8% रह गया।

करेंट अकाउंट में डिपॉजिट घटा, सेविंग्स में बढ़ा
- बचत खाते में होने वाले डिपॉजिट्स बढ़े हैं, लेकिन कारोबारियों के करेंट अकाउंट यानी चालू खाते में अब भी पैसा कम ही आ रहा है। 2019 के जून के मुकाबले इस साल सेविंग अकाउंट में जमा 91 हजार करोड़ घट गया। जुलाई में अंतर खत्म हुआ और 45 हजार करोड़ रुपए ज्यादा जमा हुए। अगस्त में भी पिछले साल के मुकाबले 29 हजार करोड़ रुपए ज्यादा जमा हुए।
- वहीं, करेंट अकाउंट में डिपॉजिट देखें तो जून में 2019 के मुकाबले करीब 65 हजार करोड़ रुपए ज्यादा था। लेकिन, जुलाई में 3,650 करोड़ और अगस्त 23,280 करोड़ रुपए कम डिपॉजिट हुआ।

जीएसटी कलेक्शन लगातार घट रहा है
- पिछले साल जून की तुलना में इस साल जीएसटी कलेक्शन 8,420 करोड़ रुपए कम था। जुलाई में अंतर बढ़ा और अगस्त में यह अंतर 11,760 करोड़ रुपए कम रहा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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