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अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 राज्यों ने सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजिन Google पर मुकदमा दर्ज किया है। उस पर आरोप लगा है कि प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार जमाने के लिए उसने अवैध तरीके से ऐपल और स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से एक्सक्लूसिव डील्स की।

दो दशक में यह किसी टेक्नोलॉजी फर्म के खिलाफ सबसे बड़ा मुकदमा है। इससे पहले 1998 में इसी तरह का मुकदमा माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी दर्ज हुआ था। वैसे, Google पर यह आरोप पहले भी लगते रहे हैं। अब खबरें यह भी आ रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया और जापान भी यूरोप और अमेरिका के साथ बड़ी टेक कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने की तैयारी में है।

ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन मुकदमों में Google पर क्या आरोप लगे हैं? इसका क्या असर पड़ सकता है? आइए इन प्रश्नों के जवाब तलाशते हैं...

सबसे पहले, मुकदमा क्या है और किसने किया है?

  • अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 अलग-अलग राज्यों ने Google के खिलाफ यह एंटीट्रस्ट मुकदमा किया है। 54 पेज की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Google ने सर्च इंजिन बिजनेस में 90% से ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक्सक्लूसिव डील्स की। इससे इन डिवाइस पर यूजर्स के लिए Google डिफॉल्ट सर्च इंजिन बन गया।
  • Google ने मोबाइल बनाने वाली कंपनियों, कैरियर्स और ब्राउजर्स को अपनी विज्ञापनों से होने वाली कमाई से अरबों डॉलर का पेमेंट किया ताकि Google उनके डिवाइस पर प्री-सेट सर्च इंजिन बन सके। इससे Google ने लाखों डिवाइस पर टॉप पोजिशन हासिल की और अन्य सर्च इंजिन के लिए खुद को स्थापित करने से रोक दिया।
  • आरोप यह भी है कि ऐपल और Google ने एक-दूसरे का सहारा लिया और अपने प्रतिस्पर्धियों को मुकाबले से बाहर कर दिया। अमेरिका में Google के सर्च ट्रैफिक में करीब आधा ऐपल के आईफोन्स से आया। वहीं, ऐपल के प्रॉफिट का पांचवां हिस्सा Google से आया।
  • Google ने इनोवेशन को रोक दिया। यूजर्स के लिए चॉइस खत्म की और प्राइवेसी डेटा जैसी सर्विस क्वालिटी को प्रभावित किया। Google ने अपनी पोजिशन का लाभ उठाया और अन्य कंपनियों या स्टार्टअप्स को उभरने या इनोवेशन करने का मौका ही नहीं छोड़ा। जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब एक साल की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया है।

अमेरिकी सरकार के आरोपों पर Google का क्या जवाब है?

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  • Google के चीफ लीगल ऑफिसर केंट वॉकर का कहना है कि यह मुकदमा बेबुनियाद है। लोग Google का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उन्होंने ऐसा करने का फैसला किया है। Google ने किसी के साथ अपनी सर्विसेस का इस्तेमाल करने के लिए जबरदस्ती नहीं की है। यदि उन्हें चाहिए तो ऑप्शन मौजूद है।
  • उनका कहना है कि एंटी ट्रस्ट कानून के बहाने ऐसी कंपनियों के पक्ष लिया जा रहा है, जो मार्केट में कॉम्पीटिशन नहीं कर पा रही है। Google ऐपल और अन्य स्मार्टफोन कंपनियों को पेमेंट करता है ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए शेल्फ स्पेस मिल सके। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
  • वॉकर ने यह भी कहा कि अमेरिकी एंटी ट्रस्ट लॉ का डिजाइन ऐसा नहीं है कि किसी कमजोर प्रतिस्पर्धी को मजबूती प्रदान करें। यहां सबके लिए बराबर मौके हैं। यह मुकदमा कोर्ट में ज्यादा टिकने वाला नहीं है। Google जो भी सर्विस यूजर्स को देता है, वह मुफ्त है। इससे किसी और को नुकसान होने की आशंका जताना गलत है।

इस मुकदमे के पीछे की राजनीति क्या है?

  • इस मुकदमे को दर्ज करने की टाइमिंग से लेकर इसमें शामिल राज्यों तक कई प्रश्न खड़े हैं। चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले यह मुकदमा दाखिल किया गया है। आम तौर पर किसी भी कदम का चुनावों पर असर पड़ने का डर होता है, इस वजह से कोई बड़ा कदम सरकार नहीं उठाती।
  • महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन 11 राज्यों ने जस्टिस डिपार्टमेंट का साथ दिया है, वह सभी रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल हैं। हकीकत तो यह है कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों ने Google के खिलाफ एक साल पहले जांच शुरू की थी।

केस का नतीजा क्या आ सकता है?

  • इस तरह के केस में सुनवाई लंबी चलती है और फैसला आने में दो-तीन साल लग जाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी 1998 में इसी तरह का मुकदमा दर्ज हुआ था, जो सेटलमेंट पर खत्म हुआ था।
  • Google पर इससे पहले यूरोप में भी इसी तरह के आरोप लगे थे। यदि कंपनी की हार होती है तो उसे कंपनी के स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव करने होंगे। वहीं, यदि वह जीत गई तो यह बड़ी टेक कंपनियों को मजबूती देगा। इससे उन पर काबू पाने की सरकारों की कोशिशों को झटका लगेगा।
  • यह तो तय है कि मुकदमे का नतीजा आने में समय लगेगा। तीन नवंबर को अमेरिका में चुनाव है और नई सरकार को ही यह केस लड़ना होगा। डेमोक्रेट्स लंबे समय से दलील दे रहे हैं कि नए डिजिटल युग में एंटी ट्रस्ट कानून के प्रावधानों को बदलने की जरूरत है।

क्या भारत में भी Google के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है?

  • भारत में कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) का काम बाजार में किसी कंपनी के एकाधिकार को खत्म करना है। वह हेल्दी कम्पीटिशन को प्रमोट करता है। अमेरिका में जो मुकदमा दाखिल हुआ है, उसी तरह की शिकायत की जांच सीसीआई पहले ही कर रहा है।
  • पिछले महीने Google बनाम पेटीएम के मुद्दे पर भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब Google ने अपनी पोजिशन का फायदा उठाते हुए पेटीएम के ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया था। तब भी पेटीएम ने यही आरोप लगाए थे कि Google अपने और दूसरे ऐप्स के बीच भेदभाव करता है।
  • न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने कुछ दिन पहले खबर दी थी कि कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ने स्मार्ट टीवी मार्केट में Google की दादागिरी की जांच करने वाली है। मामला स्मार्ट टीवी में इंस्टॉल होने वाले एंड्रॉयड ओएस के सप्लाई से जुड़ा है, जो भारत में बिक रहे ज्यादातर स्मार्ट टीवी में पहले से इंस्टॉल मिलता है।

भारत के कानून एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?

  • साइबर कानून विशेषज्ञ और सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि यदि अमेरिका में Google के कॉर्पोरेट वर्चस्व को खत्म करने की कार्रवाई हुई तो इसका असर भारत में भी पड़ेगा। अमेरिका के मुकाबले भारत में Google जैसी कंपनियों ने अपना अराजक वर्चस्व स्थापित किया है।
  • सीनियर एडवोकेट के मुताबिक, भारत में नए कानून बनाने और पुराने कानूनों में बदलाव जरूरी है। भारत ने हाल में चीन और पाकिस्तान से एफडीआई को लेकर कई प्रतिबंधात्मक नियम बनाए हैं। इसी तर्ज पर टेक कंपनियों के लिए भी कंपनी कानून, आईटी कानून और आयकर कानून के नियमों को बदलना जरूरी है।
  • गुप्ता कहते हैं कि इन कंपनियों की ओर से बड़े पैमाने पर डेटा की खरीद-फरोख्त होती है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि सरकारी राजस्व बढ़ाया जा सके। भारत में इन कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए कम्पीटिशन कमिशन की व्यवस्था को दुरूस्त करने की जरूरत है।


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Google Search Antitrust Case (Alphabet) Update; Know-How It Will Affect You In Simple Words


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RACHNA SAROVAR
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आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है, तब गूगल प्ले स्टोर का काम तो पड़ता ही होगा। प्ले स्टोर से ही यूजर्स अपने पसंदीदा और काम से जुड़े ऐप्स इन्स्टॉल कर सकते हैं। ऐप स्टोर में कुछ ऐसी सेटिंग होती हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया तब फोन का डाटा और बैटरी भी तेजी से खत्म होते हैं। हालांकि, इन सेटिंग्स में चेंज करके डाटा और बैटरी की प्रॉब्लम खत्म कर सकते हैं।

सेटिंग नंबर-1
प्ले स्टोर से डाटा बचाने का तरीका

यदि आपके फोन का इंटरनेट डाटा तेजी से खत्म होता है और इस बारे में आपको पता नहीं है, तब इसके लिए आपको प्ले स्टोर की सेटिंग में कुछ चेंजेस करने होंगे। इसके लिए प्ले स्टोर की सेटिंग में जाकर 'ऑटो-अपडेट ऐप्स' पर जाएं। यहां पर 'डॉन्ट ऑटो-अपडेट ऐप्स' को सिलेक्ट कर लें। यदि आपने ओवर एनी नेटवर्क को सिलेक्ट कर रखा है तब जैसे ही ऐप का अपडेट आएगा, वो ऑटो अपडेट होने लगेगा। इससे डाटा और बैटरी खत्म होते हैं।

सेटिंग नंबर-2
फोन की बैटरी को सेव करने का तरीका

यदि आप प्ले स्टोर का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं और इससे फोन की बैटरी तेजी से खत्म होता है, तब आपको यहां पर भी एक सेटिंग में बदलाव करना होगा। इसके लिए सेटिंग में जाकर 'थीम' पर टैब करें, फिर 'सेट बाई बैटरी सेवर' को सिलेक्ट करें। इस सेटिंग से प्ले स्टोर के इस्तेमाल के दौरान बैटरी कम डिस्चार्ज होगी।

सेटिंग नंबर-3
प्ले स्टोर को प्रोटेक्ट करने का तरीका

यदि आपको इस बात का डर लगता है कि कोई आपके फोन का इस्तेमाल करते वक्त उसमें कोई ऐप चुपके से इन्स्टॉल कर सकता है। या फिर आपके बच्चे उसमें कोई ऐप इन्स्टॉल कर सकते हैं, तब प्ले स्टोर को लॉक किया जा सकता है। इसके लिए आपको सेटिंग में जाकर 'पैरेंटल कंट्रोल' में जाना होगा। यहां जैसे ही आप कंट्रोल को ऑन करेंगे आपको 4 डिजिट का पासवर्ड डालना होगा। जैसे ही पासवर्ड सेट हो जाएगा, तब प्ले स्टोर ओपन होने पर पासवर्ड के बारे में पूछेगा।



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RACHNA SAROVAR
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कुछ दिन बाद नवरात्रि शुरू होने वाली है और इस दौरान लोग जमकर खरीदारी करते हैं। ऐसे में टेक और ऑटो कंपनियां भी इस मौके को कैश करने के लिए तैयार है। कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए अपने प्रोडक्ट्स पर अच्छा-खासा डिस्काउंट ऑफर रही है, ताकि सेल्स बढ़ाई जा सके।

अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन नई गाड़ी या गैजेट खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो एक बार नीचे दिए ऑफर्स जरूर पढ़लें। हमने एक लिस्ट तैयार की है, जहां एक ही जगह पर आपको लगभग सभी स्पेशल ऑफर्स की जानकारी मिल जाएगी...

फोर-व्हीलर्स पर मिल रहे हैं ये ऑफर्स

1. मारुति एरेना डीलरशिप पर इन 11 कारों पर 50 हजार रु. तक का डिस्काउंट

2. मारुति नेक्सा डीलरशिप पर इन 5 कारों पर 72 हजार रु. तक का डिस्काउंट

3. हुंडई इन 7 कारों पर दे रही है 1 लाख तक का डिस्काउंट

4. टाटा इन 5 कारों पर दे रही है 40 हजार तक का डिस्काउंट

5. होंडा इन 5 कारों पर दे रही है 2.5 लाख तक का डिस्काउंट

6. फोर्ड इन 4 कारों पर दे रही है 47 हजार तक का डिस्काउंट

7. रेनो इन तीन कारों पर दे रही है 80 हजार तक का डिस्काउंट


8. टोयोटा इन 3 कारों पर दे रही है 60 हजार तक का डिस्काउंट

9. निसान-डैटसन 4 कारों पर दे रही है 60 हजार तक का डिस्काउंट

10. महिंद्रा इन 6 कारों पर दे रही है 3.06 लाख तक का डिस्काउंट

मॉडल डिस्काउंट कुल बेनेफिट
XUV300 25,000 रु. एक्सचेंज + 5,000 रु. कॉर्पोरेट 30,000 रु. तक
बोलेरो 6,500 रु. कैश + 10,000 रु. एक्सचेंज + 4,000 रु. कॉर्पोरेट 20,500 रु. तक
माराजो 10,000 रु. कैश + 15000 रु. एक्सचेंज + 5,000 रु. एक्सेसरीज + 6,000 रु. कॉर्पोरेट 36,000 रु. तक
स्कॉर्पियो S5 20,000 रु. कैश + 25,000 रु. एक्सचेंज + 10,000 रु. एक्सेसरीज + 5,000 रु. कॉर्पोरेट 60,000 रु. तक
स्कॉर्पियो S7, S9, S11 25,000 रु. एक्सचेंज + 5,000 रु. कॉर्पोरेट 30,000 रु. तक
XUV500 W5, W7 12,000 रु. कैश + 30,000 रु. एक्सचेंज + 9,000 रु. कॉर्पोरेट 51,000 रु. तक
XUV500 W9, W11 17,000 रु. कैश + 30,000 रु. एक्सचेंज + 9,000 रु. कॉर्पोरेट 56,000 रु. तक
अल्टुरस G4 2.2 लाख रु. कैश + 50,000 रु. एक्सचेंज + 20,000 रु. एक्सेसरीज + 16,000 रु. कॉर्पोरेट 3.06 लाख रु. तक

टू-व्हीलर पर मिल रहे हैं ये ऑफर्स

1. बजाज ऑटो टू-व्हीलर पर फेस्टिवल ऑफर

  • बजाज अपनी सभी बाइक पर 2000 रुपए कैश डिस्काउंट दे रही है। वहीं, पल्सर 125 पर 3000 रुपए कैश डिस्काउंट मिलेगा। इसके साथ, कंपनी सभी गाड़ियों पर 2 फ्री हेलमेट के साथ एक गिफ्ट भी दे रही है।
  • ग्राहक गाड़ी आसानी से खरीद पाएं इसके लिए लो डाउन पेमेंट और लो EMI भी लेकर आई है।ये ऑफर दीपावली तक वैलिड रहेगा। हालांकि, गिफ्ट डीलर अपनी तरफ से ऑफर कर रहे हैं।

2. केटीएम टू-व्हीलर पर फेस्टिवल ऑफर

  • बजाज के साथ अपनी स्पोर्ट्स बाइक सेल करने वाली कंपनी केटीएम भी गाड़ी पर डिस्काउंट न देकर 5000 रुपए के दूसरे बेनीफिट दे रही है। जैसे कंपनी अपनी बाइक पर 2+3 साल या 45 हजार किमी की वारंटी दे रही है।
  • साथ ही, एक साल की ब्रेकडाउन फेसिलिटी भी मिलेगा। यानी गाड़ी शोरूम के 50 किमी के दायरे में खराब होती है तब उसे पिक करने का कोई चार्ज नहीं लगेगा। ये ऑफर इसी महीने तक है। इसके बाद 2 साल या 30 हजार किमी की वारंटी मिलेगी।

3. होंडा टू-व्हीलर पर फेस्टिवल ऑफर

  • होंडा की गाड़ियों पर 2500 रुपए का पेटीएम ऑफर मिल रहा है। इसमें ग्राहक को इलेक्ट्रिसिटी बिल, डीटीएच रीचार्ज, पेटीएम मॉल, फ्लाइट और फोन रीचार्ज के 5 वाउचर मिलेंगे। हालांकि, इसके लिए कुछ टर्म्स और कंडीशन अप्लाई होंगी।
  • इसके साथ, बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड से गाड़ी खरीदने पर 10% या अधिकतम 3000 रुपए का कैशबैक मिलेगा। ऐक्सिस बैंक भी टू-व्हीलर लोन पर 2 साल की अवधि के लिए 8.75 प्रतिशत की ब्याज दर ऑफर कर रही है। होंडा नवरात्रि के वक्त कोई ऑफर ला सकती है।

4. टीवीएस टू-व्हीलर पर फेस्टिवल ऑफर

  • कंपनी ने नवरात्रि दशहरा ऑफर पेश किया है। इस ऑफर में ग्राहकों को 1060 रुपए का एक गिफ्ट दिया जा रहा है। ऑफर के तहत जो ग्राहक गाड़ी की बुकिंग अभी कराते हैं और नवरात्रि-दशहरे पर डिलिवरी लेते हैं उन्हें गिफ्ट मिलेगा।
  • हालांकि, ये ऑफर डीलर की तरफ से दिया जा रहा है। ग्राहकों को गाड़ियों पर फिलहाल कोई डिस्काउंट नहीं मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि इस सप्ताह गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन जो ग्राहक अभी गाड़ी बुक करते हैं उन्हें उसी कीमत पर मिलेगी।

5. सुजुकी टू-व्हीलर पर फेस्टिवल ऑफर

  • सुजुकी की गाड़ी खरीदने वाले ग्राहकों को थोड़ा मायूस होने पड़ेगा, क्योंकि कंपनी अब तक कोई ऐसा ऑफर पेश नहीं किया है जिससे ग्राहकों की बचत हो। हालांकि, जिक्सर पर एक्सचेंज ऑफर मिल रहा है।
  • वहीं, फेस्टिवल सीजन के दौरान पेन इंडिया में गाड़ी खरीदने वाले किसी एक ग्राहक को मारुति स्विफ्ट कार गिफ्ट की जाएगी। इसकी लकी ड्रॉ दीपावली के बाद निकाला जाएगा।

नोट: खबर में दिखाए जाने वाले ऑफर्स कंपनियों और डीलर्स से मिली जानकारी के आधार पर बताए जा रहे हैं। ये ऑफर स्टेट और जोन के हिसाब से अलग-अलग हो जाते हैं। वहीं, कोई डीलर अपनी तरफ से जो ऑफर दे रहा है जरूरी नहीं कि वो दूसरा डीलर भी दे रहा हो। इसलिए अपने जोन के ऑफर्स जानने के लिए नजदीकी डीलरशिप में संपर्क करें।

टेक सेंगमेंट में मिल रहे हैं ये ऑफर्स

1. सैमसंग 'होम, फेस्टिव होम': किस प्रोडक्ट पर क्या ऑफर

  • सैमसंग QLED 8K टीवी रेंज के 85-इंच, 82-इंच और 75-इंच मॉडल खरीदने वाले ग्राहकों को एक सैमसंग गैलेक्सी फोल्ड मिलेगा जिसे पिछले साल फरवरी में लॉन्च किया गया था। वर्तमान में फोन की कीमत 1.74 लाख रुपए है।
  • ऑफिशियल साइट पर QLED 8K टीवी के 85-इंच मॉडल की कीमत 14,49,990 रुपए, 82-इंच मॉडल की कीमत 12,69,990 रुपए और 75-इंच मॉडल की कीमत 8,99,990 रुपए है।
  • 75 इंच या उससे बड़े QLED टीवी मॉडल की खरीदारी पर, ग्राहकों को एक सैमसंग गैलेक्सी S20 अल्ट्रा मिलेगा जिसकी कीमत वर्तमान में 97,999 रुपए है।
  • 55-इंच QLED और 65-इंच UHD TV मॉडल की खरीदारी करने पर सैमसंग गैलेक्सी A21s मिलेंगे जिसके 4GB रैम वैरिएंट की कीमत 14,999 रुपए और 6GB रैम वैरिएंट की कीमत 16,499 रुपए है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि टीवी के साथ कौन सा वैरिएंट दिया जाएगा।
  • 65-इंच QLED, QLED 8K और 70-इंच और उससे बड़े क्रिस्टल 4K UHD टीवी मॉडल खरीदने पर ग्राहकों को सैमसंग गैलेक्सी A31 मिलेगा। वर्तमान में फोन की कीमत 19,999 रुपए है।
  • इसके अलावा, सैमसंग ग्राहकों को 20 हजार रुपए तक का कैशबैक और 990 रुपए की आसान ईएमआई ऑप्शन की सुविधा भी दे रही है। पैनल पर तीन साल की वारंटी (1+2 साल एक्सटेंडेड) के साथ-साथ QLED टीवी पर 10 साल की स्क्रीन बर्न-इन वारंटी भी दे रही है। सैमसंग सभी टीवी मॉडल पर ओटीटी और डीटीएच प्लेटफॉर्म पर कुछ डील्स दे रही है।
  • सैमसंग के स्पेस-मैक्स फैमिली हब रेफ्रिजरेटर खरीदने पर एक सैमसंग गैलेक्सी नोट 10 लाइट मुफ्त मिलेगा। साइड-बाय-साइड और फ्रॉस्ट-फ्री रेफ्रिजरेटर मॉडल पर 10 प्रतिशत तक का कैशबैक भी है जिसे आसान ईएमआई ऑप्शन के साथ खरीदा जा सकता है, जो साइड-बाय-साइड मॉडल के लिए 2,490 रुपए और फ्रॉस्ट-फ्री मॉडल के लिए 990 रुपए है।

2. रियलमी X50 प्रो (8GB+128GB)

  • फ्लिपकार्ट पर रियलमी X50 प्रो के 8GB+128GB वैरिएंट की कीमत 41999 रुपए है। फ्लिपकार्ट फोन पर 16400 रुपए तक का एक्सचेंज बोनस दे रही है। हालांकि, एक्सचेंज बोनस की राशि पुराने फोन के मॉडल और कंडीशन पर निर्भर करेगी। इसके अलावा भी फोन पर अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड पर कैशबैक दिए जा रहे हैं।
  • फोन में 6.44 इंच का फुल एचडी प्लस डिस्प्ले, 64 मेगापिक्सल क्वाड रियर कैमरा सेटअप, 32+8 मेगापिक्सल डुअल फ्रंट कैमरा और 4200 एमएएच की बैटरी मिलती है, जिसमें 65 वॉट तक का फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिल जाता है। फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 865 प्रोसेसर पर काम करता है।

3. रियलमी नारजो 20 प्रो (6GB+64GB)

  • फ्लिपकार्ट और ऑफिशियल साइट दोनों ही जगह रियलमी नारजो 20 प्रो के 6GB+64GB वैरिएंट की कीमत 14999 रुपए। दोनों ही प्लेटफार्म पर एक्सचेंज ऑफर उपलब्ध है। फ्लिपकार्ट फोन पर 14050 रुपए का एक्सचेंज बोनस दे रही है, जो फोन की कंडीशन और मॉडल पर निर्भर करेगा। इसके अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड पर कैशबैक ऑफर के साथ नो-कॉस्ट ईएमआई ऑफर भी दे रही है।
  • फोन में 6.5 इंच का फुल एचडी प्लस डिस्प्ले, 48 मेगापिक्सल मेन कैमरे के साथ क्वाड रियर कैमरा सेटअप, 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, 4500 एमएएच बैटरी और हीलियो G95 प्रोसेसर मिलेगा।

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RACHNA SAROVAR
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सरकार ने सैमसंग, एलजी और सोनी जैसे प्रमुख टेलीविजन मैन्यूफैक्चरर्स को पहले से तैयार टीवी सेट के आयात का लाइसेंस दिया है। टीवी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है, क्योंकि त्योहारी मौसम में मांग गति पकड़ रही है। ये टीवी मैन्युफैक्चरर महंगे प्रीमियम सेगमेंट के टेलीविजन सेट के लिए आयात पर निर्भर हैं। कई कंपनियां 55 इंच या उससे बड़ी स्क्रीन वाले टेलीविजन सेट का आयात करती हैं।

प्रीमियम टीवी सेट की उपलब्धता बढ़ जाएगी

सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुनील नैय्यर ने कहा है कि हमारे बड़ी स्क्रीन वाले टेलीविजन पोर्ट्स पर अटक गए थे, लेकिन अब हमें सरकार से लाइसेंस मिल गया है। सरकार के इस फैसले के बाद बाजार में प्रीमियम टीवी सेट की उपलब्धता बढ़ जाएगी और त्योहारी सीजन के दौरान मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

सैमसंग को भी मिला लाइसेंस

दक्षिण कोरियाई विनिर्माता एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी लाइसेंस मिलने की पुष्टि की है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि हमें सरकार से लाइसेंस मिल गया है और हमारी खेप जारी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार दक्षिण कोरियाई टीवी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी सैमसंग को भी टीवी सेट के आयात के लिए लाइसेंस मिल गया है और इससे कंपनी पोर्ट्स पर फंसी खेप को बाजार में ला सकेगी।

सैमसंग बनाएगी भारत में टीवी

सैमसंग इंडिया दिसंबर से भारत में टीवी सेटों का उत्पादन शुरू कर देगी। बता दें कि खबर यह थी कि सैमसंग ने सरकार से कहा था कि जब तक वह भारत में टीवी का उत्पादन शुरू नहीं कर देती है, उसे टीवी सेट आयात करने की अनुमति चाहिए। सैमसंग सबसे बड़ी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में से एक है। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए सरकार ने कुछ दिनों पहले रंगीन टेलीविजन के आयात पर गुरुवार को प्रतिबंध लगा दिया। इस कदम का उद्देश्य टेलीविजन के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और चीन जैसे देशों से गैर-जरूरी वस्तुओं के आयात को कम करना है।




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TV makers get clearance to import big-sized premium sets


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केन्द्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। सरकार उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत मोबाइल फोन के निर्माण के लिए 11,000 करोड़ रुपए के निवेश किया जाएगा।

पीएलआई योजना के तहत कंपनियां अगले 5 वर्ष में तकरीबन 10.5 लाख करोड़ रुपए मूल्य के मोबाइल फोन बनाएंगी। इनमें आईफोन बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्स कॉन होन हाई, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा सैमसंग और राइजिंग स्टार के प्रस्तावों को भी सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है।

इन कंपनियों को भी दी गई मंजूरी

एपल और सैमसंग के अलावा जिन घरेलू कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, उनमें लावा, भगवती (माइक्रो मैक्स), पडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स (डिक्सन टैक्नोलॉजीज), यूटीएल नियो लिंक्स और ऑप्टिमस शामिल हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने पीएलआई योजना के तहत 16 योग्य आवेदकों को मंजूरी दी है।

2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस योजना के तहत कंपनियां अगले पांच वर्षों में 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार देगी। इसके साथ ही परोक्ष तौर पर इससे करीब तीन गुना अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई है।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार इस योजना के तहत स्वीकृति हासिल करने वाली कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में करीब 11,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त इंवेस्टमेंट भी लाएंगी।

जानिए क्या है पीएलआई योजना ?

भारत सरकार ने मोबाइल फोन के उत्पादन में एक बड़ी महत्वाकांक्षी योजना की पहल की है। इससे जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) की शुरूआत 1 अप्रैल से की गई थी, जिसमें सरकार ने कहा था कि इसके अंतर्गत भारत में मोबाइल बनने पर पांच सालों के लिए 4% से 6% तक की प्रोत्साहन राशि देगी।

सरकार का कहना है कि इस योजना से पूरे देश में न सिर्फ लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि लाखों करोड़ों का निवेश भारत में आएगा, जो मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तीनों योजनाओं का उद्देश्य पूरा होगा।



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एपल और सैमसंग के अलावा जिन घरेलू कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, उनमें लावा, भगवती (माइक्रो मैक्स), पडगेट इलेक्ट्रॉनिक्स (डिक्सन टैक्नोलॉजीज), यूटीएल नियो लिंक्स और ऑप्टिमस शामिल हैं।


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वर्चुअल इवेंट टाइम फाइल्स में एपल ने फिटनेस प्लस और एपल वन सर्विसेस के साथ दो नई एपल वॉच को पेश किया। इनमें वॉच सीरीज 6 और अफॉर्डेबल वॉच SE शामिल है। वॉच सीरीज 6 लाइनअप की पहली वॉच है जिसमें कंपनी ने ब्लड-ऑक्सीजन लेवल दिया गया है। देखने में यह वॉच सीरीज 4 और सीरीज 5 की तरह ही लगती है लेकिन कंपनी का दावा है कि नए हार्डवेयर की बदौलत इसमें पहले परफॉर्मेंस, वॉटर रेजिस्टेंट और वायरलेस कनेक्टिविटी मिलती है। इसी के साथ एपल ने किफायती मॉडल के तौर पर वॉच SE को पेश किया। लेकिन इन स्मार्टवॉच को खरीदना भारतीयों को कितना महंगा पड़ेगा, नीचे दी गई टेबल से समझिए...

वॉच सीरीज 6: भारत-अमेरिका की कीमतों में कितना अंतर

मॉडल भारतीय कीमत अमेरिकी कीमत भारत में कितना महंगा
GPS 40,900 रु. 29,400 रु. 11500 रु.
(GPS + Cellular) 49,900 रु. 36,700 रु. 13200 रु.
नोट: सभी शुरुआती कीमतें हैं

वॉच सीरीज 6: स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

  • भारत में दोनों मॉडल 40 एमएम् और 44 एमएम साइज में उपलब्ध होंगे। भारत में इनकी बिक्री कब शुरू होगी फिलहाल कंपनी ने इसे लेकर कोई सफाई नहीं दी है। अमेरिका में यह प्री-बुकिंग के लिए उपलब्ध है। यूएस में 18 सितंबर से इनकी बिक्री शुरू हो जाएगी।
  • कंपनी ने एपल वॉच सीरीज 6 में ऑलवेज ऑन-रेटिना डिस्प्ले दी है, जिसमें 60Hz रिफ्रेश्ड रेट, 1,000 निट्स पीक ब्राइटनेस मिलता है। 40 एमएम मॉडल में 324x394 पिक्सल रेजोल्यूशन के साथ आता है, जबकि 44 एमएम मॉडल में 368x448 पिक्सल रेजोल्यूशन मिलता है। हैं। कंपनी का दावा है कि यह ऑलवेज-ऑन रेटिना डिस्प्ले भी है, पिछले मॉडल की तुलना में 2.5 गुना तेज है (जब उपयोगकर्ता की कलाई नीचे है)। इसमें ऑलवेज-ऑन अल्टीमीटर भी है।
  • वॉच सीरीज 6 से ब्लड-ऑक्सीजन लेवल मापा जा सकेगा। कंपनी का कहना है कि वॉच सीरीज 6 सिर्फ 15 सेकंड में ब्लड-ऑक्सीजन लेवल माप सकती है। यानी यूजर को अलग से ऑक्सीमीटर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ब्लड-ऑक्सीजन लेवल (Spo2) शरीर की सांस संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी देता है।
  • हेल्थ और फिटनेस ट्रैकिंग के लिए एपल वॉच सीरीज 6 अब नए हेल्थ सेंसर मिलेगा, जिसकी बदौलत यूजर्स ब्लड-ऑक्सीजन लेवल (SpO2) माप सकेंगे। सेंसर इंफ्रारेड लाइट और फोटो डायोड्स की मदद से त्वचा के नीचे ब्लड के कलर की पहचान करता है ब्लड-ऑक्सीजन सैचुरेशन की गणना करता है। यदि ब्लड-ऑक्सीजन लेवल 95 और 100 प्रतिशत के बीच रिफरेंस से नीचे चला जाता है, तो यूजर को अलर्ट करता है।
  • इसमें हार्ट सेंसर भी है, जो पहली बार सीरीज 4 पर आया था, इसे दिल की धड़कन और रिदम को रिकॉर्ड करने के लिए बनाया गया है। यह यूजर को ईसीजी रिपोर्ट भी प्रदान करता है।
  • वॉच सीरीज 6 में पैनिक अटैक और तनाव के उच्च स्तर का पता लगाने के लिए मेंटल हेल्थ ट्रैकिंग फीचर्स भी आते हैं। यह आपके तनाव के स्तर को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी प्रदान करता है। इसके अलावा, स्मार्टवॉच वॉचओएस 7 के माध्यम से उपलब्ध एक्सीलेरोमीटर डेटा और सॉफ्टवेयर ट्विक्स के कॉम्बिनेशन का उपयोग करके स्लीप ट्रैकिंग भी प्रदान करती है। कंपनी का दावा है कि वॉच सीरीज 6 में 18 घंटे तक की बैटरी लाइफ मिलेगी।

वॉच SE: भारत-अमेरिका की कीमतों में कितना अंतर

मॉडल भारतीय कीमत अमेरिकी कीमत भारत में कितना महंगा
GPS 29,900 रु. 20,500 रु. 9400 रु.
(GPS + Cellular) 33,900 रु. 24,200 रु. 9700 रु.
नोट: सभी शुरुआती कीमतें हैं

वॉच SE: स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

  • फिलहाल भारत में इनकी उपलब्धता को लेकर कंपनी ने कोई सफाई नहीं दी है लेकिन अमेरिका में यह प्री-बुकिंग के लिए उपलब्ध है और 18 सितंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
  • एपल वॉच सीरीज 6 के तरह ही वॉच SE में भी एक्सीलेरोमीटर, जाइरोस्कोप और ऑलवेज-ऑन अल्टीमीटर जैसे फीचर्स मिलेंगे। वॉच SE में एपल S5 चिपसेट है, कंपनी का दावा है कि यह एपल वॉच सीरीज 3 से दो गुना तेज है। यह W3 वायरलेस चिप के साथ आता है। इसमें समान आकार और रेजोल्यूशन रेटिना (1000 निट्स पीक ब्राइटनेस) डिस्प्ले मिलती है, जो कि वॉच सीरीज 6 में दी गई है, जो कि सीरीज 3 की तुलना में 30 प्रतिशत बड़ा है। हालांकि, यह सीरीज 6 की तरह इसमें ऑलवेज-ऑन रेटिना डिस्प्ले नहीं है।
  • यूजर्स को एक ऑप्टिकल हार्ट रेट मॉनिटर मिलेगा जो अनियमित हार्ट रिदम नोटिफिकेशन के अलावा हाई और लो हार्ट रेट नोटिफिकेशन भी देता है। फॉल डिटेक्शन, इमरजेंसी एसओएस, इंटरनेशनल इमरजेंसी कॉलिंग और अन्य सेफ्टी फीचर्स भी नए एपल वॉच SE में मिलते हैं, हालांकि वॉच में ब्लड-ऑक्सीजन और ईसीजी की सुविधा नहीं मिलेगी। इस मॉडल में कोई इलेक्ट्रिकल हार्ट सेंसर भी नहीं है। कंपनी का दावा है कि इसमें 18 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है। यह गोल्ड, सिल्वर और स्पेस ग्रे एल्युमिनियम फिनिश के साथ 40 एमएम और 44 एमएम साइज में उपलब्ध होगी।

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1. एपल ने पेश की दो नई वॉच, सीरीज 6 पंद्रह सेकंड में बताएगी ब्लड-ऑक्सीजन लेवल, तो अफॉर्डेबल वॉच SE से बिना आईफोन कर सकेंगे कॉलिंग-मैसेजिंग

2. कंपनी ने नया एंट्री लेवल टैबलेट और आईपैड एयर 2020 लॉन्च किया, शुरुआती कीमत 22000 रुपए; जानिए कितने पावरफुल हैं ये दोनों टैबलेट

3. फिटनेस लवर्स के लिए एपल ने लॉन्च की नई सर्विस, नई एपल वॉच खरीदने पर 3 महीने मुफ्त में यूज कर पाएंगे; जानें क्या है पूरी डील

4. कंपनी ने लॉन्च की एपल वन सर्विस, अब ग्राहकों को अलग-अलग सर्विस सब्सक्रिप्शन का नहीं लेना होगा; जानिए इस सर्विस में क्या मिलेगा?



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फिलहाल भारत में इन दोनों वॉच की बिक्री कब शुरू होगी इसे लेकर कंपनी ने कोई सफाई नहीं दी है लेकिन साइट पर इनकी शुरुआती कीमत जरूर देखी जा सकती है।


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आपको टेक्नोलॉजी से जुड़ी पसंद है, लेकिन समय कम होने की वजह से आप इससे जुड़ी खबरें नहीं पढ़ पाते, तब हम आपके लिए टेक डिस्क्राइबर लेकर आए हैं। इस एक खबर में हम आपको इस सप्ताह अपडेट हुए ऐप्स के साथ लॉन्च होने वाली नई टेक्नोलॉजी के बारे में बताएंगे। तो चलिए जल्दी से शुरू करते हैं वीकली डिस्क्राइबर।

1. एंड्रॉयड 11 ओएस का अपडेट
गूगल ने इस बात को कन्फर्म कर दिया है कि अगले महीने उन पिक्सल स्मार्टफोन में एंड्रॉयड 11 का अपडेट मिलेगा, जिसमें ये सपोर्ट करता है। कंपनी का कहना है कि ये ओएस पिक्सल 2 और उसके बाद आने लॉन्च होने वाले सभी पिक्सल फोन में मिलेगा। दरअसल, एंड्रॉयड 11 की ग्लोबल लॉन्चिंग के बाद कई भारतीय यूजर्स ने इसका अपडेट नहीं मिलने पर शिकायत की थी।

गूगल के इस लेटेस्ट ओएस के खास फीचर्स

  • 1. नोटिफिकेशन हिस्ट्री: पिछले 24 घंटे के नोटिफिकेशन फिर से देख पाएंगे
  • 2. नेटिव स्मार्ट होम कंट्रोल: घर के सभी स्मार्ट होम डिवाइस फोन से कंट्रोल होंगे
  • 3. चैट बबल्‍स: सभी मैसेजिंग ऐप्स को बिना खोले रिप्लाई कर पाएंगे
  • 4. सिक्‍योरिटी अपडेट: गूगल प्ले स्टोर की मदद से सिक्योरिटी फिक्स होगी
  • 5. स्क्रीन रिकॉर्डर: फोन में स्क्रीन रिकॉर्ड करने का फीचर सभी को मिलेगी
  • 6. वन टाइम परमिशन: ऐप को सिर्फ एक बार लोकेशन परमिशन देनी पड़ेगी

2. जूम का टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन शुरू
क्लाउड बेस्ड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सर्विस जूम ने यूजर्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) रोल आउट किया है। जूम ऑथेंटिकेशन ऐप्स टाइम-बेस्ट वन-टाइम पासवर्ड (TOTP) प्रोटोकॉल जैसे गूगल ऑथेंटिकेटर, माइक्रोसॉफ्ट ऑथेंटिकेटर और फ्री ओटीपी को सपोर्ट करेगा। साथ ही, अकाउंट ऑथेंटिकेशन SMS या फोन कॉल-बेस्ड कोड से होगा। इस सेटिंग को ऐसे अप्लाई करें...

  • अकाउंट एडमिन को जूम डैशबोर्ड में साइन-इन करने की आवश्यकता है, और नेविगेशन मेनू में सिक्योरिटी टैब के तहत टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑप्शन के साथ साइन की जांच करें।
  • यहां से वे अकाउंट में सभी यूजर्स के लिए स्पेसिफिक यूजर्स या स्पेसिफिक ग्रुप से संबंधित यूजर्स के लिए 2FA सक्षम करने का विकल्प चुन सकते हैं।
  • आखिर में उन्हें अपनी 2FA सेटिंग्स की कन्फर्म करने के लिए सेव पर क्लिक करना होगा। एक बार कन्फर्म होने के बाद यूजर्स को जूम पोर्टल में साइन इन करने पर 2FA सेट करना होगा।

3. गड्ढे और ब्रेकर बताने वाला नेविगेशन
भारत की हैदराबाद बेस्ड टेक कंपनी इंटेंट्स मोबी प्राइवेट लिमिटेड ने ऐसे ऐसा नेविगेशन ऐप तैयार किया है, जो आपको रास्ता दिखाने के साथ सड़क पर आने वाले गड्ढों, जलभराव, ट्रैफिक, ब्रेकर, स्पीड कैमरों जैसी कई बातों का अलर्ट देगा। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। फिलहाल ये बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध रहेगा।

इंटेंट्स गो ने पहले ही 20 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने का दावा किया है। अब जबकि स्काउट्स की संख्या 2 लाख हो गई है, कंपनी का दावा है कि इसका मैप किया गया डेटा रोजाना 1.5 लाख किलोमीटर बढ़ता है। इंटेंट्स गो ने यह भी कहा है कि उसने 1.85 लाख से अधिक गड्ढों और स्पीड ब्रेकर की पहचान की है, और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग ऐसी 9,000 पहचान कर रहा है। चूंकि यह एक रियल टाइम सिस्टम है, इसलिए कंपनी यह भी जानती है कि इनमें से कितने गड्ढों की मरम्मत हो रही है और यह संख्या लगभग 4,500 प्रतिदिन है।

4. फोन कैमरा से चेक होगी हार्ट रेट
मी हेल्थ (Mi Health) ऐप को अब एक नया अपडेट मिला है जो हार्ट रेट मॉनिटरिंग को सपोर्ट करता है। अपडेट वर्जन नंबर 2.7.4 के साथ आता है। XDA डेवलपर्स की रिपोर्ट है कि मी हेल्थ ऐप को हार्ट रेट मॉनिटरिंग सपोर्ट मिल रहा है। यह फीचर हार्ट रेट डेटा को मापने के लिए फोन कैमरा का उपयोग करेगा। ऐप के अंदर एक नया हार्ट रेट सेक्शन है और इस सेगमेंट में स्क्रीन के नीचे दाएं ओर लाल आइकॉन है। इस पर टैप करने से हार्ट रेट मॉनिटरिंग शुरू हो जाएगी।

5. गूगल की वैरिफाइड कॉल्स सर्विस
गूगल ने एंड्रॉइड डिवाइसेस पर फोन ऐप में एक नई सुविधा वैरिफाइड कॉल्स (Verified Calls) की घोषणा की है। ये फोन धोखाधड़ी से निपटने के प्रयास में वास्तविक बिजनेस नंबरों से कॉल की पहचान करेगा। गूगल की वैरिफाईड कॉल्स फीचर आपको कॉल करने वाले की पहचान दिखाएगी। हालांकि, इसे भारत, ब्राजील, मैक्सिको, स्पेन और अमेरिका में जारी किया जा रहा है। इस फीचर के आने से फ्रॉड कॉल करने वालों पर लगाम लगेगी। इस फीचर के आने से ट्रूकॉलर (TrueCaller) ऐप को कड़ी चुनौती मिलेगी।



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Weekly Discriber: Which Apps and Technology Were Updated September 2nd Week


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अगर आपको सस्ते 4जी एंड्रॉयड स्मार्टफोन की तलाश है, तो जल्दी ही आपकी तलाश पूरी हो सकती है। दरअसल, सस्ते डेटा से टेलीकॉम सेक्टर में कब्जा जमाने के बाद अब मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज स्मार्टफोन मार्केट में अपनी पैठ बनाने की तैयारी कर ली है। खबर है कि रिलायंस जियो इसी साल दिसंबर तक या अगले साल की शुरुआत में देश में 10 करोड़ सस्ते 4जी स्मार्टफोन फोन मार्केट में उतार सकती है। साथ में कंपनी डेटा प्लान भी ऑफर कर सकती है।

गूगल के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर बनेंगे ये फोन

ये फोन दिग्गज टेक कंपनी गूगल के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर बने होंगे। बिजनेस स्टैंडर्ड ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया है कि जियो का सस्ता 4जी एंड्रॉयड स्मार्टफोन गूगल की साझेदारी में लॉन्च होगा। इसी जुलाई माह में गूगल ने जियो में 4.5 बिलियन डॉलर निवेश का ऐलान किया था। तब जियो ने कहा था कि गूगल एक सस्ते एंड्रॉयड वर्जन पर काम कर रहा है और इसी वर्जन के साथ अपना फोन भी पेश करेगी।

चीनी स्मार्टफोन कंपनियों को देगी टक्कर

भारत में सस्ते स्मार्टफोन का बहुत बडा मार्केट है। ऐसे में मौजूदा समय में चीनी स्मार्टफोन शाओमी, रियलमी, ओप्पो और वीवो जैसी कंपनियों को जियो स्मार्टफोन से सीधे टक्कर मिलेगा। चीनी कंपनियों के अलावा सैमसंग के कारोबार भी प्रभावित होने की संभावना है। बता दें कि भारत में 2 बिलियन डॉलर के स्मार्टफोन मार्केट पर चीनी कंपनियों का कब्जा है।

रिलायंस का जियो फीचर फोन पहले से मार्केट में

रिलायंस ने 2017 में जियो फोन लॉन्च करने के साथ इस सेगमेंट में कदम रखा था। जियो फोन के अब 10 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, जिनमें से कई पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले हैं। इसी साल जुलाई में खबर आई थी कि रिलायंस जियो, जियो फोन 5 पर काम कर रहा है। जियो फोन 5 भी एक फीचर फोन होगा और इसमें भी 4जी का सपोर्ट होगा। इसकी शुरुआती कीमत 399 रुपए तक हो सकती है।



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रिलायंस जियो इसी साल दिसंबर तक या अगले साल की शुरुआत में देश में 10 करोड़ सस्ते 4जी स्मार्टफोन फोन मार्केट में उतार सकती है।


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सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज' के तहत आवेदन देने की समय सीमा बढ़ाकर 26 जुलाई कर दी है। देशभर में स्टार्टअप और आईटी आंतरप्रेन्योर की तरफ से इसमें ज्यादा दिलचस्पी दिखाए जाने के बाद इसकी समय सीमा बढ़ाई गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पहले अंतिम तारीख 18 जुलाई थी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी ऐप पर निर्भरता कम करने के लिए चार जुलाई को इस प्रतियोगिता की शुरूआत की थी। अब तक इसके तहत भारतीय यूनिट्स से विभिन्न कैटेगरी में 2,353 आवेदन आए हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज के लिए अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार ने इसमें भाग लेने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 26 जुलाई, 2020 कर दी है।

इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा आवेदन आए

यह प्रतियोगिता आठ कैटेगरी में है। इसके तहत स्वास्थ्य सेगमेंट में 286 एंट्री मिली हैं। ई-लर्निंग के तहत 339, सोशल नेटवर्किंग के अंतर्गत 414, स्पोर्ट्स के तहत 136, दफ्तर और घर से काम के अंतर्गत 238, न्यूजको लेकर 75 और एंटरटेनमेंटसेक्टर में 96 आवेदन मिले हैं। इसके अलावा 389 एंट्री अन्य कैटेगरी के अंतर्गत आई हैं। इनमें से 100 एप्स ऐसे हैं जिन्हें एक लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड हो चुके हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए 2,000 आवेदन आए हैं जिनमें से 12 को शॉर्ट लिस्ट किया गया है।

तीन कंपनियों को इनाम के लिए चुना गया है

इस कंपटीशन में तीन कंपनियों को 20 लाख रुपए के इनाम के लिए चुना गया है। इसमें जयपुर की Sarv Webs, हैदराबाद की PeopleLink और केरल की Techgentsia शामिल हैं। चैलेंज जीतने वाली कंपनियों में गाजियाबाद की Aria Telecom, जयपुर की VideoMeet, दिल्ली की VacSetu और चेन्नई की जोहो भी शामिल हैं।



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इस कंपटीशन में तीन कंपनियों को 20 लाख रुपए के इनाम के लिए चुना गया है।


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इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी टेस्ला 209 बिलियन डॉलर (लगभग 15.78 लाख करोड़) वैल्यूएशन के साथ दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। टेस्ला ने जापानी कंपनी टोयोटा को भी पीछे छोड़ दिया है, जिसे अबतक सबसे वैल्यूएबल कंपनी का खिताब हासिल था।
कंपनी कभी भी प्रॉफिट में नहीं रही बावजूद कयास लगाए जा रहे हैं कि अरबपति एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला कंपनी जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर (यानी लगभग 71.43लाखकरोड़) की वैल्यूएशन हासिल करेगी और इसके पीछे इलेक्ट्रिक वाहनों की तेजी सी बढ़ती डिमांड बताई जा रही है।

टेस्ला के शेयर्स में 4 फीसदी की बढ़त रही

  • बुधवार को टेस्ला के शेयर्स 4% से ज्यादा की बढ़त के साथ 1100 डॉलर (लगभग 83,067 रुपए प्रति शेयर) से ज्यादा कीमत पर पहुंच गया। शेयर्स में आई तेजी के बाद टेस्ला की वैल्यूएशन 209 बिलियन डॉलर (लगभग 15.78लाखकरोड़) पर पहुंच गई, जिसने 205 बिलियन डॉलर (लगभग 15.48लाखकरोड़) वैल्यूएशन वाली टोयोटा को पीछे छोड़ दिया। इसका मतलब यह भी है कि टेस्ला ने अब स्टॉक मार्केट में टोयोटा को पछाड़ दिया है।

कभी प्रॉफिट में नहीं रही कंपनी

  • टेस्ला का यह प्रदर्शन चौंकाने वाल हैं क्योंकि कंपनी कभी प्रॉफिट में नहीं रही लेकिन एनालिस्ट ने बैटरी-पावर्ड व्हीकल टेक्नोलॉजी में मार्केट लीडर के रूप में कंपनी की संभावनाओं की ओर इशारा किया है।
  • स्टॉकब्रोकर जेफरीज के एनालिस्ट ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी ने दुनिया को क्लीनर ईंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि हम कोविड-19 को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और रिन्यूएबल्स के लिए एक्सेलेरेटर के तौर देखते हैं। वहीं, टेस्ला प्रोडक्ट रेंज, कैपेसिटी और टेक्नोलॉजी के मामले में कहीं आगे हैं।

16 साल तक चलने वाली बैटरी बना रही कंपनी

  • कंपनी 16 साल तक चलने वाली "मिलियन मील" बैटरी का निर्माण कर रही है, जिस पर टेस्ला की चीनी सप्लायर कंपनी कैटल (Catl) काम कर रही है। बताया जा रहा है कि यह बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत को कम करने के लिए बनाई जा रही है। टेस्ला के शेयर की कीमत में वृद्धि मस्क के लिए अच्छी खबर है क्योंकि यह सैद्धांतिक रूप से उन्हें 55 बिलियन डॉलर (लगभग 4.15लाखकरोड़ रुपए) का बोनस प्रदान कर सकता है।

अगले 10 साल में टेस्ला को 650 बिलियन डॉलर की कंपनी बनानी होगी

  • कॉरपोरेट गवर्नेंस के विशेषज्ञों ने इसे चौंका देने वाला बताया है। मस्क को अगले 10 साल में टेस्ला को 650 बिलियन डॉलर (लगभग 49.08 लाखकरोड़ रुपए) की कंपनी बनानी होगी, जिसका मतलब है कि कंपनी के शेयर की कीमत बुधवार की कीमत से अधिक तिगुनी होगी।

जून में टेस्ला आगे रही थीं

  • टेस्ला ने जून के मध्य में ट्विटर पर पोस्ट ने नैस्डैक एक्सचेंज पर 184 बिलियन डॉलर (लगभग 13.89लाखकरोड़) के स्टॉक मार्केट वैल्यूएशन तक पहुंचने के लिए कंपनी की खुद की प्रशंसा की थी, जो कि टोयोटा के 179 बिलियन डॉलर (लगभग 13.5लाखकरोड़रुपए) से आगे है।


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कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कंपनी जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर (यानी लगभग 71,43,000 करोड़) की वैल्यूएशन हासिल करेगी


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