शनिवार, 25 जुलाई को नाग पंचमी है। इस दिन जीवित सांप की नहीं, नागदेवता की प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को ये पर्व मनाया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य और भागवत कथाकार पं. मनीष शर्मा के अनुसार सांप को दूध नहीं पिलाना चाहिए।
पंचमी पर नाग मंदिर में या घर में ही करनी चाहिए पूजा
पं. शर्मा के मुताबिक भगवान शिव नाग को गहनों के रूप में धारण करते हैं। पंचमी पर शिवजी के साथ नागदेव की भी पूजा करें। जीवित सांप को दूध न पिलाएं, प्रतिमा पर दूध अर्पित करें। नागदेव की प्रतिमा का पूजन मंदिर में या घर में ही करना चाहिए। सांप मांसाहारी होते हैं, ये जीव दूध नहीं पीता है। दूध सांप के लिए जहर की तरह होता है। जिससे सांप मर सकता है।
नाग पूजा में हल्दी का उपयोग जरूर करें
नाग पूजा में हल्दी को उपयोग जरूर करना चाहिए। धूप, दीप अगरबत्ती जलाकर पूजा करें। मिठाई का भोग लगाएं। नारियल अर्पित करें। शिवलिंग के साथ ही नागदेव की भी पूजा करें।
कालसर्प दोष और नाग पंचमी
ज्योतिष में कालसर्प दोष राहु-केतु से संबंधित बताया गया है। राहु का मुख सर्प समान होने से इसे सर्प दोष या कालसर्प दोष कहा जाता है। जिन लोगों की कुंडली में ये दोष है, उन्हें राहु-केतु की पूजा करनी चाहिए।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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